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तीज त्योहार Episode October 14, 2026 0 Like
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RAMESHWARAM MELA : रामेश्वर घाट, सवाई माधोपुर से लगभग 65 किलोमीटर दूर, बनास और चंबल नदियों के संगम पर स्थित है। यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। चंबल नदी मध्य प्रदेश के विंध्याचल पर्वत श्रृंखला से निकलती है और मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश से होकर बहती है, अंततः इटावा में यमुना नदी में मिल जाती है। चंबल नदी के एक किलोमीटर चौड़े तट को, जो 700 किलोमीटर तक फैला है, तीनों राज्यों द्वारा राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य घोषित किया गया है। यह एशिया का एकमात्र नदी पारिस्थितिकी तंत्र अभयारण्य है।
रामेश्वर घाट पर भगवान चतुर्भुज नाथजी और एक शिव मंदिर भी है, जो बहुत पुराना है। हर साल दीपावली के पंद्रह दिन बाद पूर्णिमा पर यहां एक प्रसिद्ध वार्षिक मेला लगता है। इस मेले में सवाई माधोपुर, कोटा, बारां जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से भी हजारों लोग आते हैं। खंडर परगना में गीता भवन सत्संग मंडल, अखंड कीर्तन और रामायण पाठ जैसी धार्मिक गतिविधियां कई वर्षों से लगातार चल रही हैं। लोगों को इन गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध दिव्य ब्राह्मण महात्मा श्री कृष्णानंद जी से प्रेरणा मिली है।
रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान से पर्यटकों के दबाव को कम करने के लिए, राष्ट्रीय घड़ियाल अभयारण्य के पालिघाट से रामेश्वर घाट तक के क्षेत्र को पर्यटकों के लिए खोलने का प्रस्ताव है । पर्यटक यहां चीतल, सांभर, चिंकारा, नीलगाय, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सियार, रेगिस्तानी बिल्ली, मछली पकड़ने वाली बिल्ली और नेवला जैसे जंगली जानवरों को देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त, ऊदबिलाव, मगरमच्छ, कछुए, सांप और मछलियों जैसे जलीय जानवरों को भी देखा जा सकता है। इस क्षेत्र में लगभग 154 पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें ब्राह्मणी बत्तख, कूट, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, पिंटेल और बारहेडेड हंस प्रमुख हैं।
कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर रामेश्वर धाम त्रिवेणी संगम पर भव्य लक्खी मेले का आयोजन होता है । यह तीन दिवसीय मेला होता है जिसमें राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों से भी श्रद्धालु और व्यापारी आते हैं। श्रद्धालु पवित्र त्रिवेणी संगम और परशुराम घाट पर स्नान कर गंगा मंदिर और श्रीजी के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाते हैं। यहां चंबल, बनास और सीप तीन नदियों का संगम स्थल है, जिसका पौराणिक विशेष महत्व माना जाता है। यह त्रिवेणी संगम राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित है।
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rameshwaram mela
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मैं हूं भारती शर्मा और इस ऐप पर मैं आपको सुनाती हूं सरकारी योजनाओं की कहानियां। कहानिया। जो सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन में आए बदलाव, संघर्ष और मेहनत की मिसाल हैं। हर योजना में छुपा है एक सबक… जो हमें जागरूक बनाता है, आगे बढ़ने की राह दिखाता है और जीवन को नए नजरिए से जीने की प्रेरणा देता है।
तीज त्योहार 0 October 15, 2026
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