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स्वतंत्रता सेनानी Episode January 11, 2026 0 Like
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Rajkumari Amrit Kaur Biography: राजकुमारी अमृत कौर का जन्म 2 फरवरी 1887 को लखनऊ में हुआ था। वह कपूरथला के राजा सर हरनाम सिंह अहलूवालिया की बेटी थीं। उन्होंने इंग्लैंड के शेरबोर्न स्कूल फॉर गर्ल्स और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की। 1918 में भारत लौटने के बाद, वह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हो गईं। महात्मा गांधी से मिलने के बाद, वह उनकी अनुयायी बन गईं और 16 साल तक उनकी सचिव के रूप में काम किया। जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद, वह ब्रिटिश शासन की मुखर आलोचक बन गईं और औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल हो गईं। उन्होंने सामाजिक सुधारों पर भी ध्यान केंद्रित किया, जैसे पर्दा प्रथा और बाल विवाह का विरोध करना और देवदासी प्रथा को समाप्त करने के लिए अभियान चलाना ।
अमृत कौर ने 1927 में अखिल भारतीय महिला सम्मेलन की सह-स्थापना की और बाद में 1930 में इसकी सचिव और 1933 में अध्यक्ष बनीं। उन्होंने महात्मा गांधी के नेतृत्व में 1930 के दांडी मार्च में भाग लिया, जिसके लिए उन्हें ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा कैद किया गया था। 1934 में, वह गांधी के आश्रम में रहने चली गईं और एक तपस्वी जीवन शैली अपनाई। उन्होंने सार्वभौमिक मताधिकार का समर्थन किया और भारतीय मताधिकार और संवैधानिक सुधारों पर लोथियन समिति के समक्ष गवाही दी। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में उनकी भागीदारी के कारण उन्हें फिर से कैद किया गया ।
स्वतंत्रता के बाद, राजकुमारी अमृत कौर भारत की पहली स्वास्थ्य मंत्री बनीं और 1947 से 1957 तक इस पद पर रहीं। उन्होंने खेल मंत्री और शहरी विकास मंत्री का पद भी संभाला। उनके कार्यकाल के दौरान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना हुई, जो भारत में चिकित्सा शिक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने के उनके सपने का हिस्सा था। उन्होंने भारतीय चिकित्सा परिषद विधेयक, खाद्य अपमिश्रण निवारण विधेयक जैसे कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 6 फरवरी 1964 को नई दिल्ली में उनका निधन हो गया। उन्होंने कभी शादी नहीं की और उनके कोई बच्चे नहीं थे ।
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Rajkumari Amrit Koul
About the author
मैं हूँ रुपाली कुमावत और Community Voice पर लेकर आई हूँ श्रृंखला “भारत के प्रेरक चेहरे” यहाँ मैं आपको सुनाती हूँ उन महान व्यक्तित्वों की कहानियाँ जिन्होंने अपने विचार संघर्ष और कर्म से भारत की दिशा तय की। चाहे वे हों प्रधानमंत्री राष्ट्रपति उद्योगपति स्वतंत्रता सेनानी या ऐतिहासिक वीर। हर कहानी में छुपा है साहस समर्पण और प्रेरणा का एक नया अध्याय।सुनिए वे कहानियाँ जो केवल इतिहास नहीं बल्कि जीवन को देखने का एक नया नजरिया देती हैं।
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