Listeners:
Top listeners:
play_arrowप्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना Story Desk
play_arrowप्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना Story Desk
play_arrowप्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना Story Desk
play_arrowप्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना Bharti Sharma
play_arrowप्रधानमंत्री आवास योजना Story Desk
play_arrowहोली
play_arrowमहाशिवरात्रि
play_arrowबेणेश्वर धाम
play_arrowसकट चौथ या तिलकुट चौथ
play_arrowषट्तिला एकादशी


तीज त्योहार Episode May 15, 2026 0 Like
play_arrowPLAY EPISODE
MAHAVEER JI MELA Biography: महावीर जी मेला उत्तरी भारत के सबसे प्रसिद्ध वार्षिक मेलों में से एक है जो राजस्थान के करौली जिले में स्थित श्री महावीर जी मंदिर के पास आयोजित होता है। यह मेला जैन धर्म के अनुयायियों, विशेषकर दिगंबर संप्रदाय के भक्तों को आकर्षित करता है। देशभर से लोग इस मेले में आते हैं और यहाँ की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का अनुभव करते हैं। यह मेला चैत्र शुक्ल एकादशी से वैशाख कृष्ण द्वितीया तक आयोजित होता है, जो आमतौर पर ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार मार्च-अप्रैल में पड़ता है।
यह मेला जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर श्री महावीर स्वामी के सम्मान में आयोजित किया जाता है। श्री महावीर जी मंदिर में उनकी पवित्र प्रतिमा स्थापित है। इस प्रतिमा की उत्पत्ति एक स्थानीय किंवदंती से जुड़ी है कि इसे देवता-का-टीला पहाड़ी पर एक चमड़े के कारीगर ने खोजा था और बाद में इसे मंदिर में स्थापित किया गया था। समय के साथ, यह स्थान एक भक्ति केंद्र बन गया है जहाँ हजारों आगंतुक श्रद्धांजलि अर्पित करने और आशीर्वाद लेने आते हैं। मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी होती हैं, जैसे प्रतिदिन सुबह प्रतिमा का प्रक्षालन (शुद्धिकरण अनुष्ठान) और अष्ट अर्घ्य की परंपरा, जिसमें भक्त आठ प्रकार की पवित्र वस्तुएँ जैसे चावल, चंदन, केसर, फूल और सूखे मेवे चढ़ाते हैं।
मेले का सबसे प्रतीक्षित कार्यक्रम रथ यात्रा है, जो वैशाख कृष्ण द्वितीया को होती है। इस दिन महावीर जी की प्रतिमा को एक सुनहरे रथ पर रखकर गंभीर नदी के तट पर एक विशेष अनुष्ठान के लिए ले जाया जाता है। इस यात्रा के दौरान भक्तिमय भजन और मंत्र हवा में गूँजते रहते हैं। शाम को, मंदिर शुद्ध घी के दीयों और भक्ति आरती से जगमगा उठता है, जिससे एक शांत और पवित्र वातावरण बनता है। महावीर जी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि एक सांस्कृतिक समागम भी है जो जैन समुदाय की साझा विरासत और भक्ति को उजागर करता है। यह भक्ति, सामुदायिक सेवा और आध्यात्मिक चिंतन के मूल्यों को सुदृढ़ करता है, साथ ही राजस्थान की स्थानीय परंपराओं और मौसमी मेलों की एक अनूठी झलक भी प्रदान करता है।
यह मेला जयपुर से लगभग 176 किलोमीटर दूर चांदणगाँव में लगता है। यह रेल और सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। निकटतम रेलवे स्टेशन श्री महावीरजी रेलवे स्टेशन है, जो मेले स्थल से लगभग 6।5 किलोमीटर दूर है। जयपुर, हिंडौन और महावीरजी क्षेत्र से नियमित बसें चलती हैं। आस-पास के कस्बों से बसें या तांगे जैसे स्थानीय परिवहन विकल्प उपलब्ध हैं। मंदिर समिति ने मेले के दौरान प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।
Tagged as:
mahaveer ji mela
About the author
मैं हूं भारती शर्मा और इस ऐप पर मैं आपको सुनाती हूं सरकारी योजनाओं की कहानियां। कहानिया। जो सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन में आए बदलाव, संघर्ष और मेहनत की मिसाल हैं। हर योजना में छुपा है एक सबक… जो हमें जागरूक बनाता है, आगे बढ़ने की राह दिखाता है और जीवन को नए नजरिए से जीने की प्रेरणा देता है।
तीज त्योहार 0 October 15, 2026
तीज त्योहार 0 October 15, 2026
तीज त्योहार 0 October 15, 2026
तीज त्योहार 0 October 15, 2026
तीज त्योहार 0 October 15, 2026
अपनी English और Hindi Communication Skills को बेहतर बनाइए। यह कोर्स आपके confidence और career growth के लिए बनाया गया है।
Enroll Now
बेहतर क्वालिटी के लिए पूरी स्टोरी हमारे
App पर चलेगी।
हम आपको स्टोर पर भेज रहे हैं...
Are you sure you want to cancel your subscription? You will lose your Premium access and stored playlists.
✖
Be the first to leave a comment