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Bankim chandra chatterjee

बंकिम चंद्र चटर्जी

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Bankim Chandra Chatterjee Biography: बंकिम चंद्र चटर्जी, जिनका जन्म 26 या 27 जून 1838 को हुआ था, एक भारतीय उपन्यासकार, कवि और पत्रकार थे। उन्हें बंगाली साहित्य में गद्य को एक साहित्यिक माध्यम के रूप में स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने भारत में यूरोपीय मॉडल पर आधारित कथा साहित्य की एक नई शैली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चटर्जी का जन्म नैहाटी, बंगाल के पास एक रूढ़िवादी ब्राह्मण परिवार में हुआ था और उन्होंने हुगली कॉलेज, प्रेसीडेंसी कॉलेज, कलकत्ता और कलकत्ता विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की थी। वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के पहले स्नातकों में से एक थे। 1858 से 1891 में अपनी सेवानिवृत्ति तक, उन्होंने भारतीय सिविल सेवा में डिप्टी मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य किया।

बंकिम चंद्र चटर्जी ने अपने साहित्यिक जीवन की शुरुआत कविता लेखन से की थी, लेकिन बाद में वे कथा साहित्य की ओर मुड़ गए। उनकी शुरुआती रचनाएँ समाचार पत्र ‘संवाद प्रभाकर’ में प्रकाशित हुईं। 1858 में उन्होंने ‘ललिता ओ मानस’ नामक कविताओं का एक संग्रह प्रकाशित किया। कुछ समय तक उन्होंने अंग्रेजी में भी लिखा और उनका उपन्यास ‘राजमोहन की पत्नी’ 1864 में ‘इंडियन फील्ड’ में धारावाहिक रूप से प्रकाशित हुआ। उनका पहला उल्लेखनीय बंगाली उपन्यास ‘दुर्गेशनंदिनी’ था, जिसमें एक राजपूत नायक और एक बंगाली नायिका थी।

बंकिम चंद्र चटर्जी का सबसे प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंदमठ’ (1882) है, जो आधुनिक बंगाली और भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण कृति है। इसी उपन्यास में ‘वंदे मातरम’ गीत शामिल है, जिसे उन्होंने अत्यधिक संस्कृतनिष्ठ बंगाली में लिखा था। यह गीत भारत को एक देवी माँ के रूप में चित्रित करता है और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के कार्यकर्ताओं को प्रेरित करता है। रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा संगीतबद्ध किया गया यह गीत अब भारत का राष्ट्रीय गीत है। चटर्जी ने चौदह उपन्यास और कई गंभीर, हास्य-व्यंग्य, व्यंग्यात्मक, वैज्ञानिक और आलोचनात्मक ग्रंथ बंगाली में लिखे। उन्हें बंगाली में ‘साहित्य सम्राट’ (साहित्य का सम्राट) के रूप में जाना जाता है।

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Rupali Kumawat

मैं हूँ रुपाली कुमावत और Community Voice पर लेकर आई हूँ श्रृंखला “भारत के प्रेरक चेहरे” यहाँ मैं आपको सुनाती हूँ उन महान व्यक्तित्वों की कहानियाँ जिन्होंने अपने विचार संघर्ष और कर्म से भारत की दिशा तय की। चाहे वे हों प्रधानमंत्री राष्ट्रपति उद्योगपति स्वतंत्रता सेनानी या ऐतिहासिक वीर। हर कहानी में छुपा है साहस समर्पण और प्रेरणा का एक नया अध्याय।सुनिए वे कहानियाँ जो केवल इतिहास नहीं बल्कि जीवन को देखने का एक नया नजरिया देती हैं।

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