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तीज त्योहार Episode June 26, 2026 0 Like
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गेर मेला : राजस्थान में होली के अवसर पर गेर नृत्य का आयोजन किया जाता है, जो एक महत्वपूर्ण लोक परंपरा है। यह नृत्य विशेष रूप से पुरुषों द्वारा किया जाता है और इसमें महिलाएं शामिल नहीं होती हैं। ढोलक की थाप पर गेरिये घेरे में घूमते हुए नृत्य करते हैं, और एक व्यक्ति राजस्थानी भाषा में गेर गीत गाता है। इस नृत्य में किसी भी प्रकार के संगीत प्रणाली का उपयोग नहीं किया जाता है, बल्कि ढोलक की थाप और डांडियों के टकराने की आवाज ही मुख्य होती है। जैसलमेर के शहरी क्षेत्र में पुष्करणा समाज की पारंपरिक गेर और फाग गायन रंग एकादशी से शुरू होकर धुलंडी तक चलता है ।
जैसलमेर जिले के सरहदी गांवों जैसे कोटडी और खियां में होली पर गेर खेलने की परंपरा सदियों से जीवित है। ग्रामीण राजस्थानी वेशभूषा में धोती-कुर्ता और साफा पहनकर, हाथों में डांडिया लिए एक ही ताल पर झूमते हैं। इस गेर नृत्य में गुलाल का प्रयोग नहीं किया जाता है। राजस्थान अपनी अनूठी मेहमानवाजी और लोक परंपराओं के लिए जाना जाता है, जहां आज भी कई प्राचीन परंपराएं जीवित हैं ।
बाड़मेर जिले के सनावड़ा गांव में धुलंडी के अवसर पर होलिका दहन के अगले दिन गेर नृत्य का आयोजन किया जाता है। यह नृत्य लगभग 185 वर्ष पुराना है और इसकी शुरुआत महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी थी। पुरुष खेती-किसानी के बाद गेर नृत्य के दौरान डंडों से उनकी पहरेदारी करते थे, और बाद में डंडों को लय में शामिल कर यह नृत्य विकसित हुआ। 1982 में दिल्ली में हुए एशियाड खेलों के उद्घाटन समारोह में बाड़मेर के गेर कलाकारों ने प्रस्तुति देकर इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई थी ।
सनावड़ा में हर साल धुलंडी पर हजारों दर्शक इस नृत्य में शामिल होने आते हैं। ढोल-नगाड़ों की गूंज और थालियों की खनक से पूरा माहौल उत्सवमय हो जाता है। इस नृत्य में पारंपरिक लाल-सफेद ‘आंगी’ वेशभूषा में सजे कलाकार ढोल-थाली की थाप पर नृत्य करते हैं। कई बार एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां, जैसे दादा, पिता और पुत्र, एक साथ इस प्राचीन विरासत को जीवंत रखते हुए नृत्य करते हैं ।
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gair mela
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मैं हूं भारती शर्मा और इस ऐप पर मैं आपको सुनाती हूं सरकारी योजनाओं की कहानियां। कहानिया। जो सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन में आए बदलाव, संघर्ष और मेहनत की मिसाल हैं। हर योजना में छुपा है एक सबक… जो हमें जागरूक बनाता है, आगे बढ़ने की राह दिखाता है और जीवन को नए नजरिए से जीने की प्रेरणा देता है।
तीज त्योहार 0 October 15, 2026
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