जननी सुरक्षा योजना भारत सरकार द्वारा वर्ष 2005 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत शुरू की गई एक महत्वपूर्ण मातृत्व कल्याण योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए प्रोत्साहित करना और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना है। यह योजना विशेष रूप से गरीब, ग्रामीण और सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों की महिलाओं के लिए बनाई गई है।
जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव (सरकारी अस्पताल या मान्यता प्राप्त निजी संस्थान) कराने पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इससे महिलाएं घर पर असुरक्षित प्रसव के बजाय स्वास्थ्य केंद्रों में प्रशिक्षित डॉक्टरों और नर्सों की निगरानी में प्रसव कराने के लिए प्रेरित होती हैं। योजना के तहत आशा कार्यकर्ता भी गर्भवती महिलाओं को पंजीकरण, जांच, टीकाकरण और प्रसव के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक लाने में सहायता करती हैं।
इस योजना से न केवल माताओं के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है, बल्कि नवजात शिशुओं की देखभाल भी बेहतर हुई है। जननी सुरक्षा योजना ने देश में सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
















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